हज्जारो की संख्या में अनु.जाति के लोगों ने मंदिर प्रवेश किया

- January 19, 2018
मंदिर प्रवेश आंदोलन के तहैत बनासकांठा जिल्ला के शेरपुरा गांव में अनुसुचित जाति और अनुसुचित जनजाति के लोगों ने महासंमेलन और रेली का आयोजन किया था। मंदिर प्रवेश कार्यक्रम का मुल मकसद अस्पृश्यता निवारण के लिए सरकार व समाज को जागृत करने का था।

शेरपुरा में आयोजित महासंम्मेलन में 5000 से भी ज्यादा लोग इक्कठे हुए थे। यह कार्यक्रम में भीम शक्ति सेना के प्रमुख मनीष मकवाणा, संयोजक केवलसिंह राठोड, पाटीदार नेता गोपाल इटालिया, RTI कार्यकर्ता कांतिलाल चावडा, बाह्मण नेता गीरीश दवे समेंत हज्जारो सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे थे।

मंदिर प्रवेश आंदोलन का कार्यक्रम बनासकांठा जिला के शेरपुर गांवमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और सभी समाज के लोगोंने बड़ी संख्या में उपस्थित रहे थे। शेरपुકरा गांवमें हजारों की संख्यामें लोग इकट्ठे हुए थे यह कार्यक्रम का आयोजन भीम शक्ति सेना गुजरात के माध्यमसे हुआ था।



यह कार्यक्रममें हजारों की संख्यामें बनासकांठा जिले के अलग-अलग गांव के लोग इकट्ठे हुए।  बहुत बड़ी संख्यामें महिलाओने भी हिस्सा लिया और साथमें गांव के सरपंच और पूरी टीम समेत गांव के दूसरे समाज के लोग भी बड़ी संख्या में यहां पर इकट्ठे हुए थे। आज के इस कार्यक्रम में भीम शक्ति सेना के प्रभारी केवलसिंह राठौड़, भीम शक्ति सेना के प्रमुख मनीषभाई मकवाना, गुजरात के क्रांतिकारी युवा लीडर गोपालभाई इटालिया, आरटीआई कार्यकर्ता कांतिभाई चावड़ा, ब्रह्म समाज के अग्रणी गिरीशभाई दवे समेत बहुत बड़ी संख्यामें मेहमान भी उपस्थित रहे थे।


शेरपुरा गांव के लोगों द्वारा एक बड़ा महासम्मेलन रखा था, यह कार्यक्रम के तहैत सभा के बाद लोगों ने जहां पर महेश परमार नामके युवक को रोका गया था वह मंदिर में सभी लोगोंने सामूहिक प्रवेश किया।

संवैधानिक अधिकार के लिए लोगोंने मंदिर प्रवेश का कार्यक्रम चलाया था।

यह कार्यक्रम में गोपाल भाई इटालिया ने हमारे समाज के पुराने रीती-रिवाजों से बचने के लिए, अस्पृश्यता निवारण के लिए लड़ने और बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान का सही तरीके से पालन हो उसके लिए लोगों को अपना संदेश दिया। शिक्षा का ज्यादा से ज्यादा प्रचार हो इसके लिए उन्होंने अपनी बात रखी।

केवलसिंह राठौड़ ने बताया कि दुनिया में भारत ही एक ऐसा देश है जहां पर अश्पृश्यता का पालन होता है उसकी वजह से हमारा देश प्रगति नहीं कर पा रहा है, भारत में जातिवादी व्यवस्था और मुडीवादी व्यवस्था खत्म हो। सभी लोगों को उनका संविधानिक अधिकार मिले। सरकार की जिम्मेदारी है कि अस्पृश्यता को खत्म करें। नरेंद्र मोदी पर उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि, भारत की मूडीवादी और जातिवादी व्यवस्था के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गलत आर्थिक और सामाजिक नीतियां जिम्मेदार है। वह प्रधानमंत्री होकर भी पीड़ित और जो वंचित समुदाय के लोगो के लिए कोई ठोस सरकारी नीति नहीं बना पा रहे हैं। गुजरात में अनुसूचित जाति के लोगों पर 20% से भी ज्यादा अत्याचार बढे है,

मनीष भाई मकवाना ने बताया कि अस्पृश्यता खत्म होनी ही चाहीए, अस्पृश्यता की वजह से हमारा देश प्रगति नहीं कर पा रहा है और अस्पृश्यता खत्म करने के लिए केवल शेड्यूल कास्ट के लोग अकेले ही नहीं लेकिन सभी समाज के लोगों को साथ में मिलकर यह कदम उठाना होंगा। हमारे देश को विश्व में महासत्ता बनाने के लिए सभी लोगों को साथ में मिलकर यह काम करना होगा।

मंदिर प्रवेश का कार्यक्रम बहोत सफल रहा, बनासकांठा के बाद भीम शक्ति सेना के माध्यम से आने वाले दिनों में गुजरात के दूसरे जगह पर भी यह कार्यक्रम होने वाला हैं।