एक के बाद एक, दलित छात्रों को किया जा रहा है मरने पर मजबुर..!!

- January 07, 2018
जातिगत भेदभाव के तहैत JNU में जिस तरह से शहिद रोहित वेमुला की बेरहेमी से हत्या कर दी गई थी, ठीक उसी तरह कल अहमदाबाद में जातिवादी मानसिकता वाले प्रोफेसरो ने मेडीकल स्टुडन्ट डाॅ.मिरीराज को आत्महत्या करने पर मजबुर किया था लेकिन सदनसीब से वो बच गए।

मिरीराज बताते है की उनके क्लासमेट व प्रोफेसर उनके साथ अस्पृश्यता का बर्ताव करते है, मेडीकल कोलेज में एडमिशन से लेकर आज तक उन पर जातिगत आधार पर भेदभाव के चलते शारीरिक और मानसिक तरीके से उन पर अत्याचार हो रहा है।

वर्ष 2015 से आज तक मिरीराज ने जातिगत अत्याचार के खिलाफ कोलेज और युनिवर्सीटी के पदाधिकारीयों व राष्ट्रीय अनुसुचित जाति आयोग समेंत कई सरकारी ओफिस में 20 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की है लेकिन फिर भी उनको न्याय नहीं मिला जिनके चलते उन्होंने कल ज्यादा मात्रा में नींद की टेबलेट्स लेकर आत्महत्या का प्रयास किया था।

मिरीराज अभी अहमदाबाद के सिविल होस्पीटल में एडमीट है लेकिन पुलिस, प्रशासन व सरकार की तरफ से उनको प्रत्यक्ष और परोक्ष रीत से उनको प्रताडित किया जा रहा है।







सामाजिक एकता और जागृति मिशन उना के संयोजक केवलसिंह राठोड ने आज पीडित की मुjलाकात की, उनकी बात सुनी और उनको मदद करने का पुरा भरोसा दिया है। हमने राष्ट्रीय अनुसुचित जाति आयोग के अधिक सचिव, गुजरात राज्य के मुख्य सचिव, पोलिस महानिर्देशक समेंत सभी संबंधित अधिकारी व पदाधिकारीयों के साथ बात करके पीडित के न्याय के पक्ष में हमारी मांग रखी है।





केवलसिंह राठोड चाहते है की, वंचित समुदाय से संबंधित विध्यार्थीयों हो रहे जातिगत अत्याचार बंध हो, मनुवादी मानसिकता वाले सभी प्रोफेसर व संबंधित अधिकारी को तुरंत गिरफतार किया जाए एवं पीडित मिरीराज को जरुरी पोलिस रक्षण मिले।