🔵 BJP and Congress are two sides of the same coin, both the parties are involved in corruption...

- December 18, 2016
इंदिरा गांधी के समय में 8% ओबीसी सांसद चुने गये थे उन्होंने संसद में ओबीसी के लिए हंगामा खड़ा कर दिया और जब उन्होंने संसद में हंगामा खडा कर दिया तब उनके समर्थन में अनुसूचित जाति, जनजाति के लोग खड़े हो गए इससे इंदिरा गांधी के कान खड़े हो गए।

उसने सोचा कि यदि अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी के लोगों का  सामाजिक ध्रुवीकरण हो जाए तो पिछडे वर्ग के जो लोग हजारों साल से ब्राह्मणवाद का बोझ ढो रहे हैं वह आजाद हो जाएगे और ब्राह्मणवाद मूँह के बल गिर जाएगा।

ऐसा न हो इसलिए इंदिरा गांधी ने आरएसएस के साथ गुप्त समझौता कर 1982 में गुजरात में आरक्षण विरोधी आंदोलन करवाया उस समय माधव सिंह सोलंकी गुजरात के मुख्यमंत्री (07.06.1980 -10.03.1985) थे।

ओबीसी और अनुसूचित जाति के लोगों का सामाजिक ध्रुवीकरण न हो इसलिए झगड़ा उग्र था, उस समय कांग्रेस के सांसद हीरालाल परमार का भी घर आंदोलन में जला दिया गया।

यह आंदोलन काफी देर तक चला जब वहाँ यह फसाद हुआ तब दवे कमीशन बैठाया गया।

दवे कमीशन ने रिपोर्ट में लिखा कि बीजेपी और कांग्रेस के लोगों ने मिलकर आरक्षण विरोधी आंदोलन चलाया।

रिपोर्ट को रद्दी की टोकरी में फेंक कर इतिश्री हो गई। गुजरात को ही इस आंदोलन के लिए क्यों चुना? क्यों की गुजरात एकमात्र ऐसा प्रदेश है जहाँ अनुसूचित जाति के लोगों की संख्या 7% है।

जब यह आंदोलन शुरू हुआ तब बताया गया कि अनुसूचित जाति, जनजाति के लोगों को पहले से ही 22.5% आरक्षण है फिर भी ये लोग लोग ज्यादा आरक्षण की मांग कर रहे हैं।

ऐसा बताकर अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी के लोगों का देशभर मे ध्रुवीकरण तोडने के लिए इंदिरा गांधी ने आरएसएस के साथ गुप्त समझौता करके यह किया था।

इसका मतलब साफ़ है कि जब-2 ओबीसी के आरक्षण मुद्दा खड़ा होता है तब-2 बीजेपी और कांग्रेस की भगवा मंडली एक होकर प्रतिनिधित्व  के खिलाफ षड्यंत्र रचती है।

यह मामला तो ट्रेलर जैसा था, असलियत में आरक्षण के आंदोलन को दबाने के लिए स्वर्ण मंदिर में अॉपरेशन ब्लू स्टार द्वारा पूरी फिल्म की रचना की गयी और जिससे क्षुब्ध होकर इंदिरा गांधी की हत्या 31अक्टूबर 1984 को बेअंत सिह व सतवंत सिह ने कर दी यह दोनों व्यक्ति मूलनिवासी सिक्ख थे और तब से ही चुटकुलों और लतीफुल्लों में संता और बंता नामक पात्रों का जन्म हुआ।


दोस्तो,
अभी नहि तो कभी नहि..
ब्राह्मणवाद हटाओ देश बचाओ...


आपका मिशनसाथी
- विपुल सरवैया