हर जोर-जुलम के टक्कर मे संधर्ष हमारा नारा है..

- December 16, 2016
जय भीम
गुजरात के उना मे हुए अमानवीय दलित अत्याचार के बाद भी राज्य मे अनुसूचित जाति के लोगो पर हो रहे अन्याय और अत्याचार रुकने का नाम ही नही ले रहे है.

हाल ही मे 'भीमसेना गुजरात' के संयोजक और आरटीआई एक्टिविस्ट महेश मकवाणा पर हुवा जानलेवा हमला उनाकांड के बाद गुजरात मे हुई दुसरी सबसे बडी अत्याचार की घटना है.

महेश मकवाणा जातिवाद और ब्राह्मणवाद के खिलाफ लडने वाला एक क्रांतिकारी योद्धा है, भीमसेना के माध्यम से महेश और उनकी टीम बाबासाहेब के बताये हुये रास्ते पर चलकर कोडीनार और आसपास के पिछडे इलाके मे सामाजिक एकता एवं जागृति का काम करती है.


भीमसेना के क्रांतिकारीओ द्वारा चलाए जा रहे समाज परिवर्तन के मिशन से लोग जागृत हुए और अनुसूचित जाति एवं ओबीसी समाज के लोगो पर मनुवादीयो द्वारा हो रहे अत्याचारो मे कमी आई लेकीन जातिवादी मानसिकता वाले कुछ असामाजिक लोगो को ये पसंद नहि था.

कोमरेड महेश मकवाणा पर ये चौथा जानलेवा हमला हुवा है, इससे पहले तीन बार वो बाल-बाल बचे थे जिसमें हर बार एफआरआई तो दर्ज की गई थी लेकीन आजतक पुलिस एवं प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहि की गई.

अनुसूचित जाति के लोगो पर जातिवाद के नाम पर हो रहे अत्याचारो के लिए ब्राह्मणवादी मानसिकता वाले गुंडों के साथ-साथ सरकार, पुलिस एवं प्रशासन भी इतने ही ज़िम्मेवार है.

कोडीनार के मेइन बाज़ार मे हुए जानलेवा हमले के बाद हमारे साथी महेश को गंभीर हालात मे ट्रीटमेन्ट के लिए पहले कोडीनार, फीर वेरावल और बाद मे राजकोट के दोशी होस्पीटल मे रिफर कीया गया.


राजकोट के होस्पीटल मे कोडीनार पोलीस स्टेशन के पीएसआई खाचर के द्वारा महेश का ओफीशियल निवेदन लिया गया, और यही निवेदन के आधार पर एफआरआई दर्ज करना पुलिस की क़ानूनन ड्युटी है.

लेकिन आरोपियों के दबाव मे पुलिस ने सही एफआरआई दर्ज नहि की और केवल IPC 323, IPC 324, IPC 506(b), GPA 135 जैसी हल्की धाराओं का इस्तेमाल किया गया ताकी ये गुंडो को कोर्ट से आसानी से छोडा जा सके.

हमारी मांग है की महेश के निवेदन के मुताबिक़ IPC 307, IPC 393 और एट्रोसीटी एक्ट के तहेत पुलिस सही एफआरआई दर्ज करे और आरोपियों को तुरंत अरेस्ट करे.

सभी दोस्तो से नम्र अपील है की गीरसोमनाथ डिस्ट्रीक्ट के ओफीसर को फोन करके उन पर सही एफआरआई दर्ज करने का दबाव बनाइए ताकी आरोपियो पर सही कार्रवाई हो सके और महेश को न्याय मिले.

साथ मे सभी तहसील और जिल्ला स्तर पर भी मामलतदार और जिल्ला कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल को आवेदन दे ताकी अनुसूचित जाति के लोगो पर हो रहे अमानवीय अत्याचार बंद हो.


हितेश जोइसर
+919978405974
जिल्ला पोलीस अधिक्षक

अजय कुमार
+919978405934
जिल्ला कलेक्टर


संधर्ष के बगैर खोये हुए अधिकार वापस नहि मिलते,
क्योंकी स्वार्थी लोग विनयपुर्वक की बात कभी नहि मानते...!!!


आपका मिशनसाथी
- केवलसिंह राठोड