उना काण्डः दो पुलिसकर्मी सहित चार आरोपियों की जमानत मंजूर

- December 03, 2016

अहमदाबाद। गुजरात उच्च न्यायालय ने गिर सोमनाथ जिले के उना कस्बे में दलितों को पीटने के मामले में कथित संलिप्तता पर गिरफ्तार दो पुलिसकर्मियों सहित चार आरोपियों की जमानत मंजूर की.


न्यायाधीश एजे देसाई ने शांतिभाई मनपारा, नितिन कोठारी, उना के निलंबित पुलिस निरीक्षक निर्मलसिंह जाला और उपनिरीक्षक नरेंद्र देव पांडेय को जमानत दी. मनपारा सनातन गौ सेवा ट्रस्ट के न्यासी हैं और कोठारी ट्रस्ट से जुड़े हैं और उन्हेांने दलितों की कथित रूप से पिटाई की थी.

दलीलों के दौरान शनिवार मनपारा और कोठारी के वकील विराट पोपट ने दलील दी कि दोनों को जमानत दी जानी चाहिए. इस मामले में जांच पूरी हो चुकी है और आरोपपत्र सितंबर में दायर किया गया था.


राज्य सरकार ने चारों आरोपियों की जमानत याचिका का विरोध किया और कहा कि उनके द्वारा किए गए अपराध गंभीर प्रकृति के हैं. गुजरात सरकार ने यह भी दलील दी कि अगर आरोपियों को जमानत दी गई तो वे पीड़ितों को धमका सकते हैं.

गौरतलब है कि इसी साल 11 जुलाई को उना में तथाकथित गौरक्षकों ने उना के चार दलितों की बर्बर पिटाई  की थी. जिसके बाद से दलित समाज में रोष था.

 जय भीम
जयभारत

विपुल सरवैया