जैल मे बंद जिगनेश मेवानी और उनके साथीदार जामीन नही लेंगे अौर जेल मे रहकर आंदोलन चलायेगे

- November 16, 2016

जब उना आंदोलन के वक्त दलित नेता जिगनेश मेवाणी ने सरकार के सामने दलित हितो के लिये ११ मांगनीओ को रखा लेकिन जब सरकार ने कोई बातचीत नहीं की तो अंत में उन्होंने रेल रोको आंदोलन के लिये मजबूर होना पड़ा इस रेल रोको आंदोलन से बोखलाई सरकार  सामने से बातचीत करने को तैयार हुइ और जिग्नेश मेवाणी को रेल रोको का कोल वापस लेने को बोला गया और जिग्नेश भाई ने कोल वापिस लिया,लेकिन अब सरकार अपने दिए हुए वादों से मुकर गयी और उन्होंने बातचीत करने को मना कर दिया और सरकार ने दलितों के साथ गद्दारी की, कल गुजरात यूनिवर्सिटी में नए बनाये गये लो भवन को डॉ आम्बेडकर भवन के नामकरण की मांग को लेकर दलित नेता और राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच के  जिग्नेश मेवाणी ने अपने साथ ३०० से ज्यादा युवानो के साथ प्रदर्शन किया और साथ साथ नग्न होके अपना विरोध प्रदर्शित किया तब पुलिस ने उन सब को डीटेइन किया और उनपे केस दर्ज किया लेकिन उनमेसे जिगनेश मेवाणी,राकेश मेहरीया,Rx सुबोध, कमुडाबेन बलदेवभाई और दिक्सीत पर  ने जामिन लेने से इंकार कर दिया,कहा जब तक सरकार दलितों के साथ बातचीत नहीं करते तब तक हम लोग जामिन न लेकर जेल में रहेंगे,कल रात से चारो लोग साबरमती जेल में है