गुजरात मे सफाई कामदारो ने शोषण के खिलाफ उठाई आवाज, अपनी मांगो को लेकर पांच जिल्लो मे आमरण अनशन पर बैठे सफाईकर्मी

- October 19, 2016
🔵 *गुजरात मे सफाई कामदारो ने शोषण के खिलाफ उठाई आवाज, अपनी मांगो को लेकर पांच जिल्लो मे आमरण अनशन पर बैठे सफाईकर्मी..*



गुजरात के उना मे हुए अमानवीय दलित अत्याचार के बाद देशभर मे चला दलित अस्मिता का आंदोलन रुकने का नाम ही नहि ले रहा है, उनाकांड के बाद अनुसुचित जाति के लोगो ने अपने पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ निडर होकर आवाज उठाना चालु कर दिया है.

गुजरात मे अलग-अलग पांच जगहो पर बडी संख्या मे सफाई कामदार अपनी मांगो को लेकर आमरण अनशन पर बैठे.

दस दिन से भी अधिक समय से आमरण अनशन पर बैठे भुज, गोंडल, अमरेली, वांकानेर और पोरबंदर के सफाई कामदारो ने अपने पर नगर पालिका द्वारा जबरन चलाई जा रही ठेकेदारी व्यवस्था के खिलाफ आंदोलन चालु कर दिया है.

अनशन पर बैठे सफाई कामदारो की मांगे निम्नलिखित है :

(1) पिछले पचीस से भी ज्यादा सालो से वे लोग नियमित नगरपालिकाओ मे सफाईकाम करते है लेकिन उनका दिहाडी मजदुरी के हिसाब से कम पगार देकर कोन्ट्रेक्ट सिस्टम के तहेत ठेकेदारो द्वारा शोषण किया जाता है, *कामदार चाहते है की उनको परमेनन्ट नौकरी मिले और कोन्ट्रेक्ट सिस्टम खतम हो.*

(2) सभी सरकारी कर्मचारीओ को हर पांच साल मे महंगाई के हिसाब से पगार भथ्थे मे बढोतरी मिलती है, उनके हिसाब से अभी सारे सरकारी कर्मचारीओ (केन्द्र एवं राज्य) को सातवे पगारपंच के तहेत पगार एवं भथ्था मिलता है, जिनमे नगर पालिका के अन्य सभी कर्मचारी भी सामिल है लेकीन जो कुछ थोडे सफाई कामदार परमेनन्ट है उनके साथ जातिगत भेदभाव रखकर सातवा पगारपंच के हिसाब से नहि बल्कि पांचवा पगारपंच के हिसाब से पगार चुकाया जाता है जो की सरासर अन्याय है, *कामदार चाहते है की उनको सातवे पगारपंच के तहेत अन्य सरकारी कर्मचारीओ के समान नियमोनुसार पगार चुकाया जाए.*

सफाई कामदारो की समस्याओ को लेकर भुज(कच्छ) मे पिछले दस दिनो से कलेकटर ओफिस के सामने केम्प लगाकर आमरण अनशन पर बैठे "भुज नगरपालिका संयुक्त कर्मचारी संध" के अध्यक्ष हरेशभाइ राठोड बताते है की वे अपनी मांगो को लेकर अब तक कुल छे बार आंदोलन कर चुके है, हर बार सरकार द्वारा उनको जुठा आश्वाशन देकर समाधान कर लिया गया लेकिन इस बार उनकी मांगे पुरी नहि की गइ तो वे अपने अधिकार की लडाइ के लिए आमरण अनशन के तहैत अपनी जान दे देंगे, क्योंकी रोज थोडा थोडा मरने से एक साथ मरना बेहतर है.



सामाजिक एकता और जागृति मिशन के संयोजक केवलसिंह राठोड और उनकी टीम ने आज भुज मे आमरण अनशन पर बैठे सफाई कामदारो की मुलाकात करके उनके दुःख मे भागीदार बने, पुरे दिन उनके साथ अनशन पर बैठे और उनकी मांगो को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी, राज्यपाल ओ.पी.कोहली और मंत्री आत्माराम परमार समेत संबधित लोगो से फोन पर बात करके सफाई कामदारो की समस्या एवं उन पर हो रहे शोषण के बारे मे अवगत् कराया, सफाई कामदारो के प्रश्नो को जल्द से जल्द सोल्व करके उनको उचित न्याय मिले एसी मांग रखी.

युवा नेता केवलसिंह राठोड ने बताया की राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री की तरफ से पोजीटीव रिस्पोन्स मिला है, लेकिन अगर कुछ दिनो मे सफाई कर्मचारीओ की मांगे मानी नहि गई और कामदारो को न्याय नहि मिला तो आने वाले दिनो मे पुरे गुजरात के सफाई कामदार जो की सभी अनुसुचित जाति से संबधित है, वे सफाई काम बंध करके अपनी मांगो के लेकर उग्र आंदोलन करेंगे.

उन्होने कच्छ के जिल्ला कलेकटर पर आरोप लगाते हुए कहा की ये सफाई कामदार पिछले दस दिनो से आमरण अनशन पर कलेकटर कचेरी के सामने बैठे है फिर भी जिल्ला कलेकटर ने उनकी मुलाकात तक नहि की जो की उनकी ड्युटी है एवं अनशन पर बैठे सफाई कामदार के मेडीकल चेकअप के लिए भी कोई खास व्यवस्था नहि की है. पिछले दस दिन से बिना कुछ खाये पीये अनशन पर बैठे हरेशभाई राठोड की तबियत बहोत नाजुक है अगर उनको कुछ हुवा तो इसकी जिम्मेवार राज्य सरकार रहेगी.

भुज नगरपालिका संयुक्त कर्मचारी संध के उपप्रमुख महेबुबखान पठाण ने बताया की जब तक उनकी मांगे मानी नहि जाएगी तब तक ये आंदोलन जारी रहेगा, उन्होने बताया की अगर कामदारो की समस्याओ का समाधान नहि हुवा तो आने वाले दिनो मे सभी कामदार रेली और सभा के माध्यम से उग्र आंदोलन करेंगे.

सफाई कामदारो द्वारा चलाये जा रहे आंदोलन मे बडी संख्या मे महिलाए भी सामिल है, कर्मचारी संध के महामंत्री बलवंत मोड और सहमंत्री लीलाबहेन रवजी ने कामदारो द्वारा चलाये जा रहे आंदोलन से जुडने एवं सपोर्ट करने के लिए लोगो से अपील की ताकी गुजरात के सफाईकर्मीओ को न्याय मिले।

                          लेखक 



   केवलसिंह राठोड
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