दलितों ने लिखा मोदि सरकार को खुल्ला पत्र समरसता संमेलन की नौटंकी बंध करो और पीडितो की मांगे पुरी करो..

- October 20, 2016
दिनांक - 06/09/2016
प्रतिश्री
नरेन्द्र मोदी
प्रधानमंत्री, भारत सरकार..
मे केवलसिंह राठोड, अनुसुचित जाति के लोगो की और से आपसे पुछना चाहता हुं की आप, आपके मंत्रीओ ओर आपकी पार्टी को देश की  31करोड की सबसे बडी आबादी वाले यही देश के मुलनिवासी अनुसुचित जाति के लोगो से क्या दुश्मनी है ?
जब से गुजरात मे आपकी पार्टी की सरकार बनी है, दिन ब दिन प्रदेश मे अनुसुचित जाति के लोगो पर अन्याय और अत्याचार लगातार बढते ही जा रहे है.
और जैसे ही गलत चुनाव प्रणाली अपनाकर, इवीएम मशीनो मे छेडछाड करके देश की संसद पर कब्जा किया तभी से आपको और आपके कार्यकर्ताओ को सारे आम गुंडागीरी करने का जैसे लायसेन्स ही मिल गया.
उनाकांड के पिडीत युवको को ट्रीटमेन्ट पुरी ना होने के बावजुद राजकोट के सीवील होस्पीटल से जबरदस्ती डिस्चार्ज करवाने वाले आपकी सरकार के मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला के खिलाफ आपने कोइ कारवाई क्यों नहि की ?
हैदराबाद कांड के शहिद रोहित वेमुला की हत्या की आरोपी और आपकी सरकार की केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर आपने अभी तक कोई कारवाई क्यों नहि की ?
ये दोनो आरोपी मंत्रीओ को तुरंत मंत्री पद से हटाया जाए और उन पर कानुनी कारवाई की जाए.
प्रदेश और केन्द्र मे आपकी सरकार के इशारो पे चल रहे जंगलराज को तुरंत खत्म करे और भारतीय संविधान के तहेत कानुन और व्यवस्था बनाए रखो और भारत के अनुसुचित जाति के लोगो को दुसरे दरज्जे के नागरीक ना समजते हुए उन्हे समान अधिकार मिले उसका भी खयाल रखे.
हम आपसे पुछना चाहते है की आप सिर्फ अपने मन की ही कहेंगे या फीर कारवाई करेंगे ?
आप और आपकी सरकार गुजरात मे 'समरसता संमेलन' की नौटंकी बंध करे और पीडितो की मांगे पुरी करके उनको न्याय दिलाकर अपनी संवैधानिक फर्ज अदा करे, जुठे दलितप्रेम के तहेत मगर के आंसु बहाना बंद करे क्योंकी  वेसे भी आने वाले समय मे गुजरात मे होने वाले 2017 के विधानसभा चुनाव मे आपकी पार्टी की धर वापसी तो होने ही वाली ही है.
Image Source: hindustantimes

*हमारी मांगे पुरी करो वरना खुरशी खाली करो..*
1) उनाकांड मे हुए अमानवीय अत्याचार की जांच सुप्रिमकोर्ट या हाइकोर्ट के सिटींग जजो की कमीटी बनाकर उनको सोंपी जाए ताकी उनाकांड की सच्चाई सामने आ सके
2) उनाकांड के विरोध मे आंदोलन चलाकर अपने हक की लडाई लड रहे निर्दोष लोगो पर आपकी सरकार द्वारा दर्ज जुठे पुलिस केस वापस ले और पिडीतो को मानहानी का मुआवजा दे
3) पुरे देश मे अनुसुचित जाति के विध्यार्थीओ का के.जी. से लेकर पी.जी. तक, नर्सरी से लेकर पी.एच.डी. तक का सरकारी और सेल्फ फाइनान्स कोलेजो मे
एज्युकेशन भारतीय संविधान के मुताबिक संपुर्ण फ्री कीया जाए
4) पुरे गुजरात के अनुसुचित जाति के लोग अब ए चमडे का काम नहि करना चाहते तो उन्हे वैक्लिपिक तौर पे रोजगारी के लिए पांच एकर जमीन दी जाए ताकी वो रोटी, कपडे और मकान की व्यवस्था कर सके
5) प्रदेश और केन्द्र मे आपकी पार्टी की सत्ता है लेकीन कानुन और व्यवस्था नामकी कोइ भी चीज नहि है इसी वजह से पुरे देश जंगलराज छाया हुवा है,  अगर आप और आपकी सरकार अनुसुचित जाति के लोगो का रक्षण नहि कर सकते तो उन्हे हथियार का लायसन्स दिजीए ताकी वो लोग खुद अपनी हिफाजत कर सके
6) भारत एक बिनसांप्रदायिक देश है और संविधान की धारा 25 के तहेत देश का कीसी भी व्यकित को कोइ भी धर्म या संप्रदाय मे मानने की पुरी आजादी दी गई है फिर भी गुजरात सरकार ने संविधान मे दिए गए नागरीको के मुलभुत अधिकारो का खंडन करते हुए गैरसंवैधानिक कानुन बनाकर धर्मांतरण पर रोक लगा दी गई है, धर्मांतरण विरोधी गैरसंवैधानिक कानुन तुरंत रद्द कीया जाए
7) अत्याचार और अन्याय के भोग बने हुए अनुसुचित जाति के सभी पिडीतो के परिवार मे से कीसी एक सदस्य को उनकी क्वोलिफीकेशन के हिसाब से तुरंत सरकारी नोकरी दी जाए और उनके परिवार को रोजगारी के लिए व्यवस्था की जाए
8) उत्पीडन के भोग बने हुए अनुसुचित जाति के गांव छोडकर दुसरे गांव मे बसे हिजरती परीवार के पिडीतो को सरकार के नियमो के मुताबिक न्याय दिलाकर उनके पुनःस्थापन की व्यवस्था करे
9) अनुसुचित जाति और अनुसुचित जनजाति के आरक्षण के संबध मे गुजरात सरकार मे चर्चा मे रहा रोस्टर एकट तुरंत लागु किया जाए एवं संसद मे अटका पडा प्रमोशन इन रिजर्वेशन बिल तुरंत पास किया जाए
10) गुजरात मे जिन जिन गांवो मे अनुसुचित जाति के लोगो की आबादी पांच या दस धर की है उन पर भवीष्य मे उनाकांड जैसी धटना होने की पुरी संभावना हे, एसे लोगो का सर्वे करके उनको उनके नजदिकी तहेसिल मे एक अलग से सोसायटी बनाकर रहने की व्यवस्था करो, जिसमे सी.बी.एस.सी. बोर्ड की सरकारी स्कुल हो, सरकारी होस्पीटल और आरोग्य केन्द्र हो, पक्की सडके हो, उनको रोजगारी के लिए लधु उधोग के तहेत सरकारी सब्सिडी मिले.
11) गुजरात मे राज्य सरकार के अधिन सरकारी नोकरीओ मे करीब 40,000 से भी ज्यादा अनुसुचित जाति के लोगो की आरक्षित जगहे खाली है उन्हे तुरंत भर्ती कीया जाए ताकी अनुसुचित जाति के बेरोजगारो को उनका हक मिले
12) देश के विविध प्रदेशो मे अनुसुचित जाति के लोगो पर हुए अत्याचार के हज्जारो केस जो की कोर्ट मे पेन्डिंग है उनका तुरंत निकाल किया जाए और एट्रोसीटी के केस के लिए अलग से कोर्ट का निर्माण किया जाए
13) उना के मोठा गांव मे मनुवादी मानसिकता वाले गुंडो ने प्रशाशन का दुरउपयोग करके सरकारी साधनो का गैरसंवैधानिक उपयोग करके बौध्धविहार ध्वंस्त कर दिया गया उन्हे सरकारी खर्च से तुरंत पुनःनिर्माण किया जाए और बौध्धविहार को गिराने वाले आरोपीओ पर कडी से कडी कारवाई की जाए
14) पोस्ट मैट्रिक्स स्कोलरशीप योजना मे वार्षिक इन्कम लिमिट 2,50,000/ है, मंहगाई को देखते हुए ये लिमिट 6,00,000/ (छ लाख) करनी चाहिए
15) पोस्ट मेट्रिक्स स्कोलरशिप की दरे बहुत पुरानी है, इनको तत्काल प्रभाव से रिवाइज कर के तीन गुना से ज्यादा दरें बढाना जरूरी है
16) स्पेशल केम्पोनन्ट प्लान के तहत अनुसूचित जाति के लोगो की तरक्की के लिये आरक्षित राशि की रकम का 100% खर्च अनुसूचित जाति के लोगो के लिये ही की जाये.
गलत जगह खर्च करनेवाले या कम खर्च करने वाले अफसर पर कडक कार्यवाही की जानी चाहिए
17) उनाकांड के विरोध मे और दलित पिडीतो पर हुए अमानवीय अत्याचार के खिलाफ देशभर मे चले दलित आंदोलन मे आधात से आत्महत्या करने वाले सभी को स्पेशियल केस मे सरकार की तरफ से दस लाख रुपए की धनराशी और मृतको को शहिद धोषित किया जाए
*हमारी मांगे पुरी करो, वरना खामियाजी के लिए तैयार रहो..*
*जय भारत..
लेखक
केवलसिंह राठोड
  07383737773
( संयोजक : सामाजिक एकता एवं जागृति मिशन )