सर्जिकल स्ट्राइक के नाम पर मोदी सरकार ने दबाया दलित अत्याचार का मुद्दा..

- October 17, 2016
गुजरात के उना मे हुए अमानवीय दलित अत्याचार के बाद देशभर मे जातिवाद के खिलाफ एक जनआंदोलन चला और हज्जारो साल से उत्पीडन के शिकार हो रहे दबे कुचले लोग अपने अधिकार के लिए रास्ते पर निकल आए.

अनुसुचित जाति के लोगो पर हो रहे अमानवीय अत्याचार के खिलाफ देश और दुनिया के ना केवल शेड्युल कास्ट के ही बल्कि सभी जाति के लोग मानवता के पक्ष मे खडे रहे, उनाकांड की असर गुजरात के साथ देश के सभी राज्यो मे भी हुइ और पुरे देश के दलित-पिछडे लोग ब्राह्मणवादी व्यवस्था के विरोध मे एक होकर लडने को तैयार हुए.

गुजरात के उना मे हुए दमन मे मुख्य आरोपी के तौर पर तपास एजेंसी सी.आइ.डी. क्राइम ने गुजरात पोलीस के पी.आइ. और पी.एस.आइ. समेत 04 पोलीस ओफीसर एवं तथाकथित गौरक्षा के नाम पर गुंडागीर्दी चलाने वाले 39 आतंकवादिओ को भी हिरासत मे लिया, जिनमे से ज्यादातर आर.एस.एस. के कार्यकर्ता है.


सी.आइ.डी. क्राइम द्वारा बनाइ गुई चार्जशीट मे बताया गया की उनाकांड की धटना कोइ यकायक नहि धटी गइ, ये पुरा कांड एक सोची समजी साजिश के तहेत पुर्वआयोजित था, और उनाकांड के विडीयो जो वायरल हुवे है उसमे भी आरोपी बताता है की 'हम लोग पिछले देढ से आप (अनु.जाति के लोग) पर वोच रखे हुए थे'. अभी जो आरोपी जेल मे बंद है वो तो किराए के गुंडे है, उनाकांड के मुख्य आरोपी और मेइन मास्टर मांइड तो अभी भी बहार है, इसी लिए हमने और हमारी टीम ने प्रधानमंत्री से पत्र एवं मिडीया के द्वारा ये मांग रखी हुइ है की ये पुरे कांड की जांच हाइकोर्ट/सुप्रिमकोर्ट के सिटींग जजो की कमीटी द्वारा की जाए ताकी उनाकांड की सच्चाई सामने आ सके क्योंकी उनाकांड मे गुजरात सरकार के भी कइ लोग शामिल होने की आशंका है लेकीन मनुवादि मानसिकता से ग्रस्त मोदी सरकार ने हमारी एक भी नहि सुनी, क्योंकी मोदीसरकार भी तो अपने कार्यकर्ताओ को बचाने मे लगी हुइ है.

उनाकांड मे हुए अमानवीय दलित अत्याचार की धटना केवल एक नहि है, देशभर मे हररोज अनु.जाति के लोगो पर अत्याचार होते है और उसमे भी सबसे ज्यादा अत्याचार आर.एस.एस. की लेबोरेटरी गुजरात मे हो रहे है. सुरेन्द्रनगर के थानगढ मे तीन मासुमो की दिन दहाडे नाजायज पुलिस की गोलियो से बेरहेमी से हत्या कर दी जाति है, उना के सामतेर मे भीमजीभाइ चौहान को अपने धर के आंगन मे ही जातिवादीओ द्वारा मार दिया जाता है, उना के आंकोलाली गांव मे लालजी सरवैया नामके आंबेडकरवादि युवान को अपने ही धर मे दिन दहाडे जिंदा जला दिया जाता है, राजुला के वडली गांव मे हमारी बीस साल की बहेन को अपने धर से रात के ग्यारह बजे अगवा करके उन पर बेरहेमी से रेप कीया जाता है, राजुला के निंगाला गांव के होनहार कार्यकर्ता रमेश वणजारा को डेडाण गांव के भरे बाजार मे दौडा दौडा कर केवल इस लिए मार दिया गया क्योंकी वो ब्राह्मणवादी लोगो की गुलामी पसंद नहि करता था, उना के मोठा गांव के क्रांतिकारी विचारधारा वाले होनहार आंबेडकरवादि एडवोकेट संजय सोंदरवा एवं उनके साथीओ द्वारा निर्मित गीरसोमनाथ जिल्ले का एक मात्र बौध्धविहार आर.एस.एस. कार्यकर्ता और जिल्ला पंचायत-गीरसोमनाथ के भाजपा के सदस्य भावेश उपाध्याय द्वारा डिमोलिशन करवा दिया जाता है, बौध्धविहार के खिलाफ आवाज उठाने पर एडवोकेट पर जानलेवा हमला होता है और उसे जान से मारने की कोशीश की जाती है, एसे अत्याचारो के कइ मेटर है जिसमे से ज्यादातर सरकार द्वारा पुलिस एवं प्रशाशन के माध्यम से दबा दिया जाता है.

क्रांतिवीर रोहीत वेमुला की शहादत के वक्त भी सरकार द्वारा दलित अत्याचार का मुद्दा एक पुरे प्लान के तहेत लोगो का ध्यान कहीं और खिंचकर दबा दिया गया था, रोहीत की हत्या के बाद चलाया गया आंदोलन के बाद उनाकांड के माध्यम से देशभर के अनु.जाति के लोगो ने ब्राह्मणवाद की गुलामी के खिलाफ अपनी आवाज उठाइ, जिस मे देशभर मे दलितो की आजादी का आंदोलन चला. जिसमे दिनेश सारीखडा जैसे बाइस से ज्यादा क्रांतिकारीओ ने उना दमन के खिलाफ और ब्राह्मणवादी व्यवस्था के विरोध मे जहर पीकर अपनी जान दे दी, कांति वाला और नवचेतन परमार जैसे होनहार आंदोलनकारी अभी भी जुठी धाराओ के तहेत आंदोलन चलाने के जुर्म मे जेल मे बंद है.

लेकीन मनुवादि मानसिकता से ग्रस्त हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी टीम देशभर मे हो रहे दलित अत्याचार के खिलाफ चल रहे जनआंदोलन से लोगो का ध्यान हटाकर सर्जीकल स्ट्राइक पर ले जाने की नाकाम कोशीश कर रहे है. उन्होने अपनी खुर्शी बनाए रखने के लिए सेना के जवानो को भी नहि छोडा, हमारे निर्दोष सैनिक शहिद हुए उसके लिए प्रधानमंत्री मोदी एवं उनके आका मोहन भागवत का जातिवादी एजेंडा ही जिम्मेवार है.

मे केवलसिंह राठोड, मिडीया के माध्यम से प्रधानमंत्री को बताना चाहता हुं की आप आज जो कुछ भी वो बाबासाहब आंबेडकर की बदौलत हो, चुनाव के वक्त आप दलित के बेटा हुवा करते थे लेकिन आज आपने अपना बाप बदल लिया आज आप दलित विरोधी मानसिकता वाले आर.एस.एस. के बेटे बन गए, कृपया ए सर्जीकल स्ट्राइक वाली नौटंकी बंद करो एवं सेना के जवानो की जान की सौदेबाजी ना करते हुए भारतीय संविधान के मुताबिक से देश के दलित-पिछडे-मुसलमान को उनकी आबादी के हिसाब से देश की सत्ता और संपत्ति मे भागीदारी दो.

साथ मे, मे आप सभी लोगो से भी अपील करना चाहता हुं की हमारा आंदोलन हमारे समाज एवं देश की आजादी का आंदोलन है. कीसी भी प्रकार के लोभ, लालच एवं भय से दुर रहकर लडाई जारी रखो और हमारी एकता बनाए रखो. अपने हक्क के लिए लडना हर कीसी का मुलभुत अधिकार है, कीसी भी हालात मे हमारी अस्मिता का आंदोलन जारी रहेना चाहिए, अगर हम आज हमारी आजादी के लिए नहि लडे तो आने वाली पीढी हमे कतैई माफ नहि करेगी.




आपका मिशनसाथी


  केवलसिंह राठोड
 +917383737773


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