मिनाक्षीबहेन राठोड, समाज जागृति एवं वुमन एमपावरमेन्ट के लिए लडने वाली क्रांतिकारी महिला..

- October 23, 2016
दिवंगत मिनाक्षीबहेन राठोड को उनके जन्मदिन पर कोटी-कोटी नमन..
पोलीस सब इन्सपेकटर दीवंगत मिनाक्षीबहेन राठोड को उनके जन्मदिन 23 ओक्टोबर के अवसर पर कोटी-कोटी नमन.




गुजरात के उना तहसील के छोटे से कोब गांव की आशास्पद पोलीस५ ओफीसर दिवंगत मिनाक्षीबहेन राठोड का गत् दिनांक 06 मे 2013 को डेंग्यु की वजह से आक्समिक निर्वाण हुवा था.
मिशनरी परीवार मे जन्मे मीनाक्षीबहेन एक होनहार एवं क्रांतिकारी महिला थी, मम्मी जलुबहेन और पप्पा बाबुभाई की तरफ से उनको बचपन से ही समाज जागृति के लिए प्रेरणा मिली थी, वे कोडीनार के नालंदा विध्यालय मे हायर सेकन्डरी स्कुल मे टीचर की नौकरी के साथ साथ हमारे महापुरुषो के आंदोलन एवं वुमन एम्पावरमेन्ट के लिए समाज जागृति का काम करते थे.
वे अप्रेल 2013 मे केन्द्र सरकार के सी.आइ.एस.एफ. विभाग मे पोलीस सब इन्सपेकटर बने, तभी उना और उनके आसपास के एज्युकेशनली पिछडे इलाके मे केवल अनु.जाति ही नहि बल्कि जनरल क्लास से भी महिला तो क्या कोइ पुरुष भी पी.एस.आइ. नहि था.
मिनाक्षीबहेन ने महिला जागृति के तहेत महिलाओ मे हमारे मुलनिवासी बहुजन समाज के महामानवो के जीवन संधर्ष की विचारधारा का प्रचार प्रसार करने का काम कीया, महिलाओ को अंधश्रध्धा एवं पाखंड से दुर रहकर अपने बच्चो को अच्छी शिक्षा और संस्कार देने की प्रेरणा दी.
समाज की महिलाओ को बताया की उनका उध्धार कोइ देवी-देवता नहि बल्कि उच्च शिक्षा एवं स्वाभिमान के माध्यम से ही संभव है, अगर हम महिलाओ को आत्म सम्मान से जिंदगी जिनी है तो हमे आंबेडकरवाद की महान विचारधारा पर चलकर अपने हक्क की लडाई लडनी होगी.
उन्होने महिलाओ को व्रत, उपवास, पुजापाठ जैसे ब्राह्मणवादी पाखंडो से दुर रहकर सामाजिक एवं राजनैतिक अधिकारो के लिए भारत के संविधान के मुताबिक समाज मे महिलाओ की भागीदारी के लिए लडने को प्रेरीत किया.
वे हंमेशा कहते थे की हमारे कुल की देवी यशोधरा, सावित्रीबाइ फुले, फातिमा शेख, झलकारी बाइ एवं रमाबाइ आंबेडकर है ना की कोइ काल्पनिक पथ्थर की मुरत.
विश्वरत्न बाबासाहेब डो. आंबेडकर के बारे मे वे बताते थे की भारत मे आज महिलाओ को जो भी अधिकार मिले है वो सिर्फ और सिर्फ बाबासाहेब आंबेडकर के संधर्ष के बदौलत मिले है, अगर भारत के संविधान के माध्यम से बाबासाहेब ने महिलाओ को आजादी न दी होती तो भारत की 50% महिलाए मनुस्मृति के अंधे कानुन के तहैत ब्राह्मणवाद की गुलाम होती.
आज दिवंगत मिनाक्षीबहेन राठोड हमारे बिच नहि रहे लेकिन उनके द्वारा मुलनिवासी बहुजन समाज के महामानवो के अधुरे कार्यो के तहैत चलाया गया वुमन एम्पावरमेन्ट एवं समाज जागृति का मिशन हंमेशा याद रहेगा.
उनके परीवार के सदस्यो एवं शुभेच्छको द्वारा उनके निर्वाण के बाद समाज जागृति के कार्य को जारी रखने के लिए 'मिनाक्षी राठोड मेमोरीयल ट्रस्ट' बनाया गया, जो की मुलनिवासी बहुजन आंदोलन के तहैत आंबेडकरवाद की विचारधारा पर महिला स्वाभिमान एवं समाज परीवर्तन के लिए काम कर रहा है.
समाज की सभी महिलाओ को दिवंगत मिनाक्षीबहेन राठोड से प्रेरणा लेकर समाज जागृति के लिए योगदान देना चाहिए ।
लि.
भारतीबहेन सरवैया
ट्रस्टी, मिनाक्षी राठोड मेमोरीयल ट्रस्ट